
देश इस महीने को ‘पोषण माह’ के तौर पर मना रहा है और इस बीच स्वास्थ्य सेवा विशेषज्ञों ने राष्ट्रीय पोषण मिशन पर कोविड-19 के असर पर ध्यान देने के लिए तत्काल कदम उठाने की जरूरत बताई है। विशेषज्ञों का कहना है कि महामारी की वजह से बच्चों और गर्भवती महिलाओं का स्वास्थ्य प्रभावित हो सकता है क्योंकि उनके कुपोषित होने का सबसे अधिक खतरा है। उल्लेखनीय है कि सरकार सितंबर में ‘पोषण माह’ मना रही है और इस दौरान कुपोषित बच्चों, गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं से जुड़े
देश इस महीने को ‘पोषण माह’ के तौर पर मना रहा है और इस बीच स्वास्थ्य सेवा विशेषज्ञों ने राष्ट्रीय पोषण मिशन पर कोविड-19 के असर पर ध्यान देने के लिए तत्काल कदम उठाने की जरूरत बताई है। विशेषज्ञों का कहना है कि महामारी की वजह से बच्चों और गर्भवती महिलाओं का स्वास्थ्य प्रभावित हो सकता है क्योंकि उनके कुपोषित होने का सबसे अधिक खतरा है। उल्लेखनीय है कि सरकार सितंबर में ‘पोषण माह’ मना रही है और इस दौरान कुपोषित बच्चों, गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं से जुड़े मुद्दों के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। विशेषज्ञों ने ‘पीटीआई-भाषा’ से बात करते हुए कहा कि यह समय सभी हितधारकों के तत्काल मिलकर काम करने का है। उन्होंने कहा कि एक ओर खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने की जरूरत है, तो दूसरी ओर समुदाय में सही पोषण वाले भोजन को प्रोत्साहित करने की जरूरत है। Read More…